दरोगा का गला दबाने की कोशिश, पथराव और मारपीट… लखनऊ में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हमला, 6 गिरफ्तार

लखनऊ: लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के बादल खेड़ा और बुद्धेश्वर इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला कर दिया गया। कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों ने टीम पर पथराव किया और मारपीट की। इस दौरान एक सब इंस्पेक्टर का गला दबाने की कोशिश भी की गई। मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 15 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

नगर निगम की टीम पर हुआ पथराव

अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसी दौरान टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि भीड़ ने प्रशासनिक अमले पर पथराव शुरू कर दिया। घटना में पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों के घायल होने की बात एफआईआर में दर्ज की गई है।

पुलिस ने मौके से एक लोहे की जंजीर भी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, इसी जंजीर का इस्तेमाल पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए किया गया था।

हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में केस

नगर निगम की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पारा थाना पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस तथा प्रशासनिक टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सब इंस्पेक्टर का गला दबाने की कोशिश

पुलिस कमिश्नर पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने बताया कि सरकारी जमीनों और सड़कों से अवैध डेयरी समेत अन्य अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पारा थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला किया गया।

उन्होंने बताया कि हमले के दौरान एक सब इंस्पेक्टर का गला दबाने की कोशिश की गई। पुलिसकर्मियों पर लोहे की जंजीर से भी हमला किया गया। मामले में अब तक दो महिलाओं समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

संभल में भी हो चुकी है अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई

इससे पहले संभल जिले में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। मढ़न गांव में प्रशासन ने 10.5 बीघा से अधिक सरकारी और कब्रिस्तान की जमीन को कब्जामुक्त कराया था।

इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए ईदगाह, मस्जिद, 30-30 फीट ऊंची दो मीनारों और दो मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया था। प्रशासन की यह कार्रवाई करीब 6 घंटे तक चली थी। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी जमीन पर कई वर्षों से अवैध कब्जा था और इसकी कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी।

 

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